राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पोखरण-II परमाणु परीक्षणों का जश्न मनाता है
चर्चा में क्यों
भारत हर साल 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाता है, जो 1998 में किए गए सफल पोखरण-II परमाणु परीक्षणों की याद दिलाता है, जिसने भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया।
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस रणनीतिक प्रौद्योगिकियों में भारत की आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डालता है और राष्ट्रीय सुरक्षा व आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करता है, जो 'मेक इन इंडिया' पहल के अनुरूप है।
महत्वपूर्ण आंकड़ा
• 11 मई — राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस • 1998 — पोखरण-II परीक्षणों का वर्ष
मुख्य तथ्य
- 1राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस: प्रतिवर्ष 11 मई को मनाया जाता है।
- 2स्मरणोत्सव: 1998 के सफल पोखरण-II परमाणु परीक्षणों (ऑपरेशन शक्ति) को चिह्नित करता है।
- 3पोखरण-II परीक्षण तिथियाँ: 11 और 13 मई, 1998।
- 4परीक्षण स्थान: पोखरण रेंज, राजस्थान रेगिस्तान।
- 5परीक्षणों की संख्या: उन्नत हथियार डिजाइनों के पाँच परमाणु परीक्षण।
- 6पोखरण-II के दौरान प्रधानमंत्री: अटल बिहारी वाजपेयी।
परीक्षा कोण
India's nuclear program, exemplified by Pokhran-II, underscores its commitment to strategic autonomy and self-reliance in critical technologies, shaping its foreign policy and defense posture.
PYQ संदर्भ
CHRONOLOGY: Date of Pokhran tests; MATCHING: National Technology Day
मानचित्र बिंदु